प्राकृत भाषा और साहित्य में पीएचडी के लिए अनुसंधान के कई संभावित विषय हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
- विशिष्ट आगम सूत्रों का आलोचनात्मक अध्ययन और व्याख्या: किसी विशेष आगम सूत्र का गहन विश्लेषण और उसकी दार्शनिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता का अध्ययन।
- प्राकृत साहित्य में नारी चित्रण: विभिन्न प्राकृत ग्रंथों में महिलाओं के चरित्र और उनकी भूमिकाओं का अध्ययन।
- प्राकृत भाषा का व्याकरणिक विकास: प्राकृत भाषा के विभिन्न चरणों में व्याकरणिक परिवर्तनों का ऐतिहासिक अध्ययन।
- प्राकृत साहित्य और अन्य समकालीन भारतीय भाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन: प्राकृत साहित्य का संस्कृत, अपभ्रंश या आधुनिक भारतीय भाषाओं के साहित्य के साथ तुलनात्मक अध्ययन।
- प्राकृत ग्रंथों में निहित सामाजिक और आर्थिक जीवन: प्राकृत साहित्य के आधार पर प्राचीन भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था का अध्ययन।
- प्राकृत कथा साहित्य का लोककथाओं और मिथकों से संबंध: प्राकृत कथाओं और लोककथाओं के बीच समानताएँ और अंतरों का विश्लेषण।
- प्राकृत काव्यशास्त्र और सौंदर्यशास्त्र: प्राकृत काव्य परंपरा में साहित्यिक सिद्धांतों और सौंदर्यवादी अवधारणाओं का अध्ययन।
- जैन दर्शन और प्राकृत भाषा: जैन दर्शन के प्रमुख सिद्धांतों का प्राकृत ग्रंथों में प्रस्तुतीकरण और उनका विश्लेषण।
- प्राकृत पांडुलिपियों का संपादन और अनुवाद: अप्रकाशित या दुर्लभ प्राकृत पांडुलिपियों का वैज्ञानिक संपादन और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद।
